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Latest News Updates Mar 05, 2026

Now you can reach Jewar Airport from Faridabad in just 20 minutes, 31 km Greenfield Expressway is being completed, know the complete route.

Now you can reach Jewar Airport from Faridabad in just 20 minutes, 31 km Greenfield Expressway is being completed, know the complete route.

फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: मुख्य विशेषताएं

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इस 31 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • यात्रा समय में कमी: इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट की दूरी मात्र 15-20 मिनट में पूरी हो जाएगी।

  • लेन की क्षमता: वर्तमान में यह 6-लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकता है।

  • परियोजना लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण में लगभग 2,414 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।


एक्सप्रेसवे का रूट और विस्तार

यह मार्ग औद्योगिक केंद्रों को सीधे हवाई अड्डे से जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है:

  • शुरुआत और अंत: यह फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड (सेक्टर-65) से शुरू होकर जेवर के पास दयानतपुर गांव पर समाप्त होगा।

  • राज्यवार लंबाई:

    • हरियाणा: लगभग 22-24 किलोमीटर।

    • उत्तर प्रदेश: लगभग 7-9 किलोमीटर।

इन 18 गांवों से होकर गुजरेगा मार्ग

यह एक्सप्रेसवे दो राज्यों के कुल 18 गांवों की सीमाओं को छुएगा:

राज्य

प्रभावित गांव

हरियाणा (12 गांव)

शाहपुर, सोतई, चंदावली, बहबलपुर, फफूंदा, पन्हेड़ा खुर्द, नरहावली, मेहमादपुर, हीरापुर, मोहना, कलन और बाघपुर।

उत्तर प्रदेश (6 गांव)

झुप्पा, फलैदा बांगर, अमरपुर, करौली बांगर, वल्लभनगर और दयानतपुर।



निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही है। निर्माण की ताजा स्थिति इस प्रकार है:

  • स्ट्रक्चर अपडेट: कुल 3000 पाइल्स में से 1200 पिलर/पाइल्स का काम पूरा हो चुका है।

  • यमुना ब्रिज: यमुना नदी पर गर्डर रखने का काम तेजी से चल रहा है और ऊपरी ढांचे (Superstructure) के लिए गर्डर कास्टिंग शुरू हो गई है।

  • समय सीमा (Deadline):

    • आधिकारिक लक्ष्य: अप्रैल 2027।

    • संभावित संचालन: प्रोजेक्ट के कुछ हिस्सों को 2026 तक जनता के लिए खोले जाने की संभावना है।